राजीव यादव की लहर में वजूद बचाने की चिंता-अटेवा
राजीव यादव की लहर में वजूद बचाने की चिंता
अटेवा के प्रदेशीय मंत्री व शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी राजीव यादव जिस तरह डोर टू डोर सम्पर्क कर लोकप्रिय हो गए हैं और गरखपुर फ़ैज़ाबाद खण्ड शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी के रूप में शिक्षकों के दिल के धड़कन बन गए हैं जिस तरह इंटर कॉलेजों डिग्री कालेजों मदरसों संस्कृत विद्यालयों से समर्थन मिल रहा है और अध्यापक राजीव यादव को सदन में भेजने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं इस लहर के सामने दिग्गजों को अपना वजूद बचाना मुश्किल लग रहा है शिक्षकों का कहना है कि परिवर्तन जरूरी है जो लोग सदन में हैं उन के रहते सरकार ने पेंशन बन्द किया शिक्षकों के बहुत सारी सुविधाएं छीनी गई ये मौन धारण किये रहे इस लिए की ये लोग रिटायर हो चुके हैं और शिक्षक अब जग चुका है रिटायर शिक्षकों को सदन से भी रिटायर करना चाहते हैं यहां बता दें कि राजीव यादव युवा हैं और पुरानी पेंशन बहाली के लिए लड़ रहे हैं उन का संगठन ब्लॉक स्तर पर जिला स्तर पर एक मजबूत संगठन है और भारी संख्या में अटेवा से जुड़े शिक्षक ताक़त लगा रहे हैं वहीं श्री यादव निजीकरण के खिलाफ भी मोर्चा खोल रख्खे हैं और सब की लड़ाई लड़ रहे हैं जाती धर्म संगठन से ऊपर उठ कर हर कोई उन का साथ दे रहा है सब को भविष्य की चिंता है शिक्षकों का एक ही धर्म है उन को अपना हक मिले वहीं राजीव यादव का कहना है कि सदन में जो एमएलसी हैं उन के रहते हुए शिक्षकों का हक़ छीना गया पेंशन बन्द कर बाजार पर आधारित पेंशन लागू किया गया ये चुप रहे और अब सिर्फ वेतन बचा है अब भी ये सदन में हैं अब इन की जरूरत नहीं क्यों कि समस्या हमारी है तो लड़ना हम को पड़ेगा हम इस के लिए सदन में लड़ेंगे जो रिटायर हो चुका है वो हमारा दर्द नहीं समझ सकता हमारे सभी शिक्षक बन्धु हमारे साथ हैं और वर्षों का परम्परा बदलना चाहते हैं रिटायर बुजुर्ग शिक्षकों को आराम देना चाहते हैं
यहां बता दें कि राजीव यादव युवा हैं संघर्षशील हैं कालेज में प्रवक्ता हैं हर विभाग में हर आंदोलन में शामिल रहते हैं अब शिक्षक किसी के बहकावे में नहीं आने वाले हैं सिर्फ परिवर्तन चाहते हैं ।
ब्यूरो रिपोर्ट उत्तर प्रदेश
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