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SC का बड़ा फैसला- अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति रियायत है, अधिकार नहीं

SC का बड़ा फैसला- अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति रियायत है, अधिकार नहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी सरकारी रिक्तियों के लिए अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति एक रियायत है, अधिकार नहीं है. न्यायालय ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत सभी सरकारी रिक्तियों के लिए अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति में सभी उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान किया जाना चाहिए, लेकिन मानदंडों को लेकर अपवाद हो सकता है. बेंच ने कहा, अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति को लेकर इस अदालत के निर्णयों के क्रम में निर्धारित कानून के अनुसार, संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत सभी सरकारी रिक्तियों में सभी उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान किया जाना चाहिए. हालांकि, एक मृत कर्मचारी के आश्रित को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की पेशकश उक्त मानदंडों में अपवाद है. अनुकंपा का आधार एक रियायत है, अधिकार नहीं. बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार की अपील को स्वीकार कर लिया और इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक जज के बेंच के आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें राज्य सरकार और पुलिस विभाग को ग्रेड- III सेवा में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए एक महिला की उम्मीदवारी पर वि...

जब कानून लागू ही नहीं हो रहा तो किसान आंदोलन क्यों हो रहा है?- सुप्रीम कोर्ट।

देश में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर चार अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान लखीमपुर खीरी का मामला भी उठा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तीन कृषि कानून लागू ही नहीं हुए हैं तो फिर किसान आंदोलन क्यों हो रहा है? कृषि कानूनों का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, कोर्ट ने कहा कि आंदोलन की वजह से जगह जगह जो जाम लग रहा है, उससे लाखों लोगों को भारी परेशानी हो रही है। किसानों और प्रशासन में समझौता: प्राप्त जानकारी के अनुसार लखीमपुर खीरी के प्रकरण में अब प्रशासन और किसानों के बीच समझौता हो गया है। यह समझौता किसान नेता राकेश टिकैत और एडीजी प्रशांत कुमार के बीच हुआ। राकेश टिकैत ने बताया कि सभी मृतकों के परिजन को 45-45 लाख रुपए की सहायता मिलेगी तथा परिवार के एक सदस्य को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी मिलेगी। घायलों को 10 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा उच्च स्तरीय जांच में जो दोषी होगा उसे सख्त सजा दिलाई जाएगी। पोस्ट जब कानून लागू ही नहीं हो रहा तो किसान आंदोलन क्यों हो रहा है?- सुप्रीम कोर्ट। पहले G News Portal पर दिखाई दिया। https://ift.tt/2Yh0auK

SC ने कोरोना से निपटने के लिए केंद्र के इंतज़ामों की तारीफ की, कहा- जो यहां हुआ वो कोई और देश नहीं कर पाया

SC ने कोरोना से निपटने के लिए केंद्र के इंतज़ामों की तारीफ की, कहा- जो यहां हुआ वो कोई और देश नहीं कर पाया सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश में हुए इंतज़ामों की तारीफ की है. जस्टिस एमआर शाह ने कहा कि हमारे देश में जनसंख्या, वैक्सीन पर खर्च, आर्थिक हालत और विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए असाधारण कदम उठाए गए हैं. उन्होंने कहा कि जो हमने किया, वो दुनिया का कोई और देश नहीं कर पाया. जस्टिस शाह ने कहा कि हमें खुशी है कि पीड़ित व्यक्ति के आंसू पोंछने के लिए कुछ किया जा रहा है. जस्टिस एमआर शाह ने कहा कि आज हम बहुत खुश हैं. पीड़ित लोगों को कुछ सांत्वना मिलेगी. इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, हमने अपना काम किया है. मेहता ने कहा कि एक राष्ट्र के तौर पर हमने कोरोना का बेहतर तौर पर जवाब दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने यह बात केंद्र सरकार द्वारा कोरोना से मृत व्यक्तियों को 50 हजार रुपये का मुआवजे देने की बात पर कही. पोस्ट SC ने कोरोना से निपटने के लिए केंद्र के इंतज़ामों की तारीफ की, कहा- जो यहां हुआ वो कोई और देश नहीं कर पाया पहले G News Portal पर दिखाई दिया। https:...

ISRO जासूसी मामले में CBI ने गुजरात के पूर्व DGP की अग्रिम जमानत को दी SC में चुनौती

ISRO जासूसी मामले में CBI ने गुजरात के पूर्व DGP की अग्रिम जमानत को दी SC में चुनौती इसरो जासूसी मामले में केंद्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो यानी सीबीआई ने गुजरात के पूर्व डीजीपी आरबी श्रीकुमार की अग्रिम जमानत याचिका के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है. सीबीआई की ओर से यह याचिका केरल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ लगाई गई है. सीबीआई ने मामले में तीन अन्य आरोपियों की भी अग्रिम जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. अगस्त में केरल हाईकोर्ट ने गुजरात के पूर्व डीजीपी आरबी श्रीकुमार को बड़ी राहत देते हुए अग्रिम जमानत दे दी थी. आरबी श्रीकुमार 1994 के इसरो जासूसी मामले में 7वें आरोपी हैं. केरल हाईकोर्ट की ओर से इनके अलावा पूर्व आईबी अधिकारी पीएस जयप्रकाश और केरल पुलिस के 2 पूर्व अधिकारियों एस विजयन और थंपी एस दुर्गा दत्त को भी अग्रिम जमानत दी गई थी. इससे पहले जुलाई में भी आरबी श्रीकुमार को इसरो जासूसी मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से अंतरिम राहत दी गई थी. पोस्ट ISRO जासूसी मामले में CBI ने गुजरात के पूर्व DGP की अग्रिम जमानत को दी SC में चुनौती पहले G News Portal पर दिखाई दिया...

बच्चे ने की पूरे देश के स्कूलों को खोलने की मांग, SC ने याचिका खारिज करते हुए वकील को कड़ी लगाई फटकार

बच्चे ने की पूरे देश के स्कूलों को खोलने की मांग, SC ने याचिका खारिज करते हुए वकील को कड़ी लगाई फटकार देश के कई राज्यों में इस वक्त कोरोना के चलते स्कूल बंद हैं. लिहाज़ा इन स्कूलों को खोलने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई लेकिन देश की सबसे बड़ी अदालत ने इस याचिका को लेकर वकील को खूब खरी-खोटी सुनाई. दरअसल ये याचिका एक बच्चे के नाम से दाखिल की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि बच्चे को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, न कि कोर्ट में याचिका दाखिल करने पर. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कई बार ये देखा गया है कि नाबालिग बच्चों के नाम से याचिका दाखिल कर दी जाती है, जिससे कोर्ट की सहानुभूति उस याचिका के प्रति बन जाए. लेकिन आज जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने इस पर खुलकर बात की. जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, मैं ये नहीं कह रहा कि याचिका पब्लिसिटी के लिए दाखिल की गई है, लेकिन आप खुद देखिए कि इस याचिका का क्या मकसद है. क्या एक बच्चे को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए या इस तरह की याचिका दाखिल करनी चाहिए. पोस्ट बच्चे ने की पूरे देश के स्कूलों को खोलने की मांग, SC ने याचिका ...

प्राइवेट स्कूलों से SC की अपील- कोरोना से जिन बच्चों ने माता-पिता खोया उनकी पढ़ाई जारी रहने दें

प्राइवेट स्कूलों से SC की अपील- कोरोना से जिन बच्चों ने माता-पिता खोया उनकी पढ़ाई जारी रहने दें सुप्रीम कोर्ट ने देश के निजी स्कूलों से कहा है कि वे इस शैक्षणिक वर्ष 2020-21 में उन बच्चों की पढ़ाई बिना फीस चालू रहने दें जिनके अभिभावकों की मृत्यु कोरोना की वजह से हुई है. इस सुनवाई में कोर्ट ने राज्यों को भी निर्देश दिया है. अदालत ने राज्य सरकारों से भी कहा है कि वो ऐसे बच्चों  की फीस की व्यवस्था करें. राज्य सरकारें इस फीस की भरपाई करें या फिर फीस माफ करवाएं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें ऐसे बच्चों की पढ़ाई पूरी करने के लिए नीतियां बनाएं और ये सुनिश्चित करें कि ऐसे छात्र/छात्राएं अपनी शिक्षा पूरी कैसे करेंगे. अदालत ने राज्यों को इस संबंध में नीतियां बनाने और लागू करने को कहा है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की भी खबर ली और कहा कि यहां के अधिकारियों की लापरवाही और लालफीताशाही की वजह से सारी नीतियों की जानकारी वेबसाइट्स पर समय रहते अपलोड नहीं हो पाती हैं. अदालत के अनुसार हाल ही में स्टेज चार के तहत अनाथ हुए बच्चों के कल्याण के लिए योजनाएं ...

दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेस वे पर नेशनल हाईवे निर्माण कार्य को रोकने पर विचार करेगा SC, केंद्र को नोटिस जारी

दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेस वे पर नेशनल हाईवे निर्माण कार्य को रोकने पर विचार करेगा SC, केंद्र को नोटिस जारी सुप्रीम कोर्ट दिल्ली के द्वारका एक्सप्रेस वे पर नेशनल हाईवे के निर्माण कार्य को रोकने की मांग पर विचार करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने आज इस मुद्दे पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.सुप्रीम कोर्ट 27 अगस्त को सुनवाई करेगा कि निर्माण कार्य को रोका जाए या नहीं. याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने दलील दी कि दिन-रात निर्माण कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं, वह हरित क्षेत्र में बर्बादी कर रहे हैं.यहां पर किसी तरह की पर्यावरण मंज़ूरी या पेड़ काटने की अनुमति नहीं ली गई है. भूषण ने कहा कि हाईकोर्ट ने कहा कि किसी मौजूदा सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने के लिए किसी मंजूरी की आवश्यकता नहीं है. पेड़ काटने, सार्वजनिक परामर्श या पर्यावरण मंजूरी के लिए बिना किसी वैध अनुमति के वे निर्माण के साथ जा रहे हैं. जो हो रहा है वह भयावह है और हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई दिसंबर में रखी है. पोस्ट दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेस वे पर नेशनल हाईवे निर्माण कार्य को र...

सुप्रीम कोर्ट आत्महत्या प्रयास: अमिताभ ठाकुर का पक्ष

सुप्रीम कोर्ट आत्महत्या प्रयास: अमिताभ ठाकुर का पक्ष अमिताभ ठाकुर का पक्ष- इस मामले की जानकारी मुझे सबसे पहले 05 नवंबर 2020 को सत्यम राय के एक विडियो से हुई थी जिसमे वे आत्महत्या करने की बात कर रहे थे. मैंने एसएसपी वाराणसी को इसका संज्ञान लेने का अनुरोध किया था. इसके बाद मुझे सत्यम राय तथा सोनभद्र जेल में बंद एक सजायाफ्ता कैदी अंगद राय की बातचीत की रिकॉर्डिंग तथा सीओ भेलूपुर, वाराणसी की जाँच आख्या प्राप्त हुई. जाँच आख्या के अनुसार यह मुक़दमा लिखवाने में सत्यम राय तथा अंगद राय की भूमिका संदिग्ध पायी गयी. यह भी लिखा था कि जेल में बंद अंगद राय की मोबाइल संख्या 7634825814 से 12166 बार तथा मोबाइल नंबर 6392335822 से 1506 अर्थात कुल 13672 बार अलग-अलग लोगों से वार्ता हुई. मैंने इन तथ्यों की जाँच की मांग की, जिसके बाद पीडिता तथा सत्यम राय ने फोन कर मुझे तमाम अनुचित बातें कहीं. वे 10 नवंबर 2020 को मेरे गोमतीनगर स्थित आवास पर भी पहुँच गए थे, जहाँ इन्होने मेरी पत्नी डॉ नूतन ठाकुर द्वारा की गयी बातचीत को जबरदस्ती फेसबुक लाइव किया और तमाम अभद्र तथा आपत्तिजनक बातें कहीं. मैंने इनके संबंध में थाना ग...