इधर अशोक गहलोत ने राजस्थान को अनलॉक किया, उधर सचिन पायलट ने राजनीतिक बम फोड़ा।

इधर अशोक गहलोत ने राजस्थान को अनलॉक किया, उधर सचिन पायलट ने राजनीतिक बम फोड़ा।
क्या हिन्दुस्तान टाइम्स में छपे इंटरव्यू गांधी परिवार पर कोई असर डाल पाएगा? इस बार कुछ ज्यादा ही मुखर है पायलट।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा प्रतिक्रिया देने से बचे।
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8 जून को 53 दिन बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान को प्रातः 6 से सायं 4 बजे तक अनलॉक कर दिया। वहीं 8 जून को ही प्रतिद्वंदी नेता और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का एक इंटरव्यू अंग्रेजी माध्यम के दैनिक अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स में प्रकाशित हुआ है। इस इंटरव्यू में पायलट का कहना है कि दस माह पहले जिस कमेटी का गठन किया था, वह अपने उद्देश्य में विफल रही है। जो वायदे किए गए थे, उन्हें अभी तक भी पूरा नहीं किया गया है। पायलट ने कहा कि कमेटी के वरिष्ठ सदस्य केसी वेणुगोपाल राजस्थान से राज्यसभा के सांसद हैं। लेकिन वे छह माह से राजस्थान नहीं आए हैं। कमेटी भी छह माह से निष्क्रिय है। प्रभारी महासचिव जयपुर आकर राजनीतिक नियुक्तियों की तारीख तो बताते हैं लेकिन जिन कार्यकर्ताओं ने पार्टी के लिए अपना सब कुछ समर्पित किया उन्हें आज तक भी सम्मान नहीं मिला है। अब जब कांग्रेस सरकार का कार्यकाल आधा हो चुका है, तब भी कार्यकर्ताओं को सम्मान न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। यूं तो सचिन पायलट कई मौकों पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं। लेकिन इस बार पायलट कुछ ज्यादा ही मुखर है। अब देखना है कि इस इंटरव्यू का गांधी परिवार पर कितना असर होता है। पायलट ने बगैर नाम लिए यह इशारा किया है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने जो समन्वय समिति बनाई थी, उसने अभी तक भी कोई निर्णय नहीं लिया है। पायलट ने यह भी जता दिया है कि वे प्रदेश सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं है। यहां यह उल्लेखनीय है कि गत वर्ष अगस्त माह में पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस के 18 विधायक दिल्ली में एक माह तक रहे थे। बाद में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात कर कांग्रेस के विधायक वापस जयपुर आए गए, लेकिन अभी तक भी सचिन पायलट के समर्थकों को सरकार में महत्व नहीं मिला है। दिल्ली जाने के कारण पायलट सहित सभी तीन मंत्रियों को बर्खास्त किया गया, उनके स्थान पर भी नए मंत्रियों की नियुक्ति नहीं हुई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भले ही पायलट समर्थकों को राजनीतिक नियुक्तियों का लाभ न दिया, लेकिन स्वयं के समर्थकों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति दी है। कोई चार हजार से भी ज्यादा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को जिला स्तर की कमेटियों में नियुक्ति दी गई है।
डोटासरा बचे:
8 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से जब सचिन पायलट के इंटरव्यू के बारे में प्रतिक्रिया चाही गई तो उन्होंने कहा कि यह मामला कांग्रेस आला कमान से जुड़ा हुआ है। इस पर कोई प्रतिक्रिया देने का उनका अधिकार नहीं है।

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